कर्नाटक में पहली बार शुरू होगा एआई-संचालित व्हाट्सएप शिकायत निवारण तंत्र

डिजिटल शासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कर्नाटक सरकार अब जनता के लिए एक नया एआई (Artificial Intelligence) आधारित व्हाट्सएप शिकायत निवारण प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च करने जा रही है। इस प्रणाली के माध्यम से नागरिक अब किसी भी सरकारी योजना या सेवा से जुड़ी शिकायत को अपने मोबाइल से आसानी से दर्ज करा सकेंगे।

सरकार और नागरिकों के बीच नई डिजिटल कड़ी

कर्नाटक के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR) के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली को केंद्र ई-गवर्नेंस (Centre for e-Governance) ने इन-हाउस विकसित किया है और इसे जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।

लॉन्च के बाद नागरिक एक समर्पित व्हाट्सएप नंबर पर संदेश भेजकर जलापूर्ति, सड़क, संपत्ति कर, या अन्य नागरिक समस्याओं जैसी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे।
एक अधिकारी ने बताया, “यह नंबर सभी सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतों के लिए एकल संपर्क बिंदु के रूप में काम करेगा।”

एआई तकनीक बनेगी प्रणाली की रीढ़

इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और स्वचालन (Automation) का उपयोग किया गया है, जिससे शिकायतें स्वतः सही विभागों तक पहुँचेंगी।

नागरिक अपनी शिकायतें टेक्स्ट, चित्र या वॉइस मैसेज के रूप में भेज सकेंगे। सिस्टम कन्नड़ और अंग्रेज़ी — दोनों भाषाओं को समर्थन देगा, और भविष्य में वीडियो शिकायत की सुविधा जोड़ने की भी योजना है।

एआई-आधारित सॉफ्टवेयर इन संदेशों को स्वतः औपचारिक शिकायतों में परिवर्तित करेगा और उन्हें संबंधित विभाग या अधिकारी को सौंप देगा। इससे शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया न केवल आसान होगी, बल्कि मानव त्रुटि और देरी की संभावना भी कम होगी।

पुरानी हेल्पलाइन से आगे बढ़ता कदम

वर्तमान में राज्य में एकीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली (IPGRS), जिसे जनस्पंदन (Janaspandana) के नाम से जाना जाता है, हेल्पलाइन 1902 के माध्यम से संचालित होती है। यह हेल्पलाइन केवल सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक काम करती है।

नागरिक ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं (ipgrs.karnataka.gov.in), लेकिन कई बार लोगों को सही विभाग या अधिकारी का चयन करने में कठिनाई होती है।
फिलहाल यह हेल्पलाइन पूरे राज्य से लगभग 2,000 कॉल प्रति माह प्राप्त करती है।

नई एआई प्रणाली से शिकायत दर्ज करना और भी आसान, तेज़ और 24 घंटे उपलब्ध हो जाएगा।

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया होगी सरल

केंद्र ई-गवर्नेंस के परियोजना निदेशक श्रीव्यस एच.एम. ने बताया, “कर्नाटक देश का पहला राज्य बनेगा जो एआई-संचालित व्हाट्सएप शिकायत निवारण प्रणाली लागू करेगा। इससे लोगों के लिए पानी, सड़क, कर या अन्य नागरिक समस्याओं पर शिकायत दर्ज करना आसान होगा।”

शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को बस आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर ‘Hi’ संदेश भेजना होगा। इसके बाद चैटबॉट उन्हें चरण-दर-चरण मार्गदर्शन देगा — जैसे शिकायत दर्ज या ट्रैक करना, चार अंकों का ओटीपी दर्ज करना, अपना स्थान साझा करना, और भाषा (कन्नड़ या अंग्रेज़ी) चुनना।

इसके बाद उपयोगकर्ता अपनी शिकायत टेक्स्ट, वॉइस या इमेज के माध्यम से भेज सकते हैं। एआई प्रणाली उस इनपुट को औपचारिक शिकायत में बदलकर संबंधित विभाग को स्वतः अग्रेषित करेगी।

जनस्पंदन ढांचे से जुड़ा रहेगा नया प्लेटफ़ॉर्म

नई व्हाट्सएप प्रणाली को मौजूदा जनस्पंदन पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जो फिलहाल 600 से अधिक सरकारी योजनाओं और सेवाओं से संबंधित शिकायतों को संभालता है।

हर शिकायत संबंधित विभाग के लास्ट माइल फंक्शनरी (LMF) तक पहुँचाई जाती है। तीन स्तरों के अधिकारियों की टीम तय समय सीमा में शिकायत की समीक्षा और समाधान करती है।
समाधान के बाद, एक “एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR)” पोर्टल पर प्रकाशित की जाती है और नागरिक से प्रतिक्रिया ली जाती है।

यदि प्रतिक्रिया असंतोषजनक होती है, तो सिस्टम स्वचालित रूप से शिकायत को उच्च अधिकारी तक बढ़ा देता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती है।

ई-गवर्नेंस में एआई का बढ़ता उपयोग

केंद्र ई-गवर्नेंस विभाग पहले से ही कई एआई-आधारित पहल लागू कर चुका है। इनमें प्रमुख है कर्नाटक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (KAAMS) या कर्तव्य, जिसका अर्थ कन्नड़ में ‘जिम्मेदारी’ होता है।

यह एक सेल्फी-आधारित उपस्थिति प्रणाली है, जो पारंपरिक बायोमेट्रिक मशीनों की जगह लेती है। यह प्रणाली आधार-आधारित ई-केवाईसी और जियोफेंसिंग तकनीक का उपयोग करती है, जिससे कर्मचारी कार्यालय से 100 मीटर की सीमा के भीतर सेल्फी लेकर उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं।

फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग के करीब 39,000 कर्मचारी और ई-गवर्नेंस विभाग के लगभग 700 कर्मचारी इस प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं।

अब शिक्षा विभाग भी इसी मॉडल को अपनाने जा रहा है, जिसकी शुरुआत गदग ज़िले से होगी, जहाँ सभी सरकारी शिक्षकों के लिए सेल्फी उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी।

स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम

कर्नाटक की यह एआई-संचालित व्हाट्सएप शिकायत निवारण प्रणाली नागरिक-केंद्रित ई-गवर्नेंस की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।

व्हाट्सएप जैसी लोकप्रिय ऐप और एआई की क्षमता को मिलाकर सरकार का लक्ष्य है कि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और सरल बने।

जैसे-जैसे डिजिटल समावेशन बढ़ेगा, कर्नाटक का यह मॉडल पूरे देश के लिए स्मार्ट गवर्नेंस का आदर्श उदाहरण बन सकता है।

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