बिग बॉस 19 के प्रोड्यूसर ने तोड़ी चुप्पी – ‘मिनिमम गारंटी’ की अफवाहों का किया खंडन, बताया कैसे होती है कास्टिंग

करीब दो दशकों से बिग बॉस भारतीय टेलीविजन का सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो रहा है। हर सीजन में कभी किसी कंटेस्टेंट को लेकर, तो कभी शो के नियमों को लेकर दर्शकों के बीच बहस छिड़ जाती है। कोई शो को “स्क्रिप्टेड” कहता है, तो कोई फिक्स्ड विनर का आरोप लगाता है।
इन सबके बीच, एक और बड़ी चर्चा हर साल सामने आती है — क्या बिग बॉस के प्रतियोगियों को शो में एक न्यूनतम गारंटी (Minimum Guarantee) दी जाती है? यानी क्या उन्हें कुछ हफ्तों तक घर में बने रहने या तय रकम की गारंटी होती है?

इस बार ऐसी खबरें थीं कि गौरव खन्ना, मृदुल तिवारी और कुनिका सदानंद जैसे कलाकारों को शो में कुछ हफ्तों तक रहने की “गारंटी” मिली है। लेकिन अब बिग बॉस 19 के निर्माता ऋषि नेगी ने इन अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया है और खुलासा किया है कि शो में असल में कास्टिंग कैसे होती है।

“मिनिमम गारंटी जैसी कोई चीज़ नहीं है”

इंडिया टुडे से खास बातचीत में ऋषि नेगी ने साफ कहा कि बिग बॉस में किसी भी प्रतियोगी को कोई “मिनिमम गारंटी” नहीं दी जाती। सभी प्रतिभागियों को केवल साप्ताहिक भुगतान (weekly payment) के आधार पर भुगतान किया जाता है।

“मिनिमम गारंटी जैसा कुछ नहीं है, क्योंकि हर कंटेस्टेंट को हफ्ते के हिसाब से पैसे मिलते हैं,” उन्होंने बताया। “कभी-कभी बहुत बड़ा सेलिब्रिटी भी दूसरे हफ्ते में बाहर हो सकता है। अगर हम MG दे दें, तो वो घर के माहौल से जुड़ेंगे ही नहीं। उन्हें लगेगा कि ‘मैं तो सेफ हूं, मुझे तो पैसा मिल ही जाएगा।’ इसी कारण हम MG नहीं देते, ताकि खेल असली और प्रतिस्पर्धी बना रहे।”

ऋषि नेगी के मुताबिक शो की सबसे बड़ी ताकत उसकी अनिश्चितता (unpredictability) है — और यही दर्शकों को बार-बार लौटकर देखने पर मजबूर करती है।

कास्टिंग: छह महीने लंबी प्रक्रिया

शो की सफलता उसके सेट या टास्क पर नहीं, बल्कि इस बात पर निर्भर करती है कि कौन लोग घर में जाते हैं। ऋषि नेगी बताते हैं कि सही व्यक्तित्व चुनना ही बिग बॉस की असली चुनौती होती है।

“कास्टिंग हमारे लिए सबसे मुश्किल और अहम प्रक्रिया है। ये करीब छह महीने तक चलती है। यह सिर्फ किसी के मशहूर होने का सवाल नहीं, बल्कि ये देखना होता है कि क्या उसकी शख्सियत 105 दिनों तक दर्शकों को बांधे रख सकती है या नहीं,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि इस बार टीम ने लगभग 500 लोगों से मुलाकात की, जिनमें टीवी, सोशल मीडिया और अन्य क्षेत्रों के कलाकार शामिल थे। नेगी ने स्पष्ट किया कि शो का मकसद नाम नहीं, बल्कि किरदार (characters) खोजना है — जो दर्शकों को कुछ नया और असली दिखा सके।

“लोग सोचते हैं कि जो कंट्रोवर्शियल है वही बिग बॉस में आएगा, लेकिन इस बार घर में एक भी विवादास्पद चेहरा नहीं है, फिर भी दर्शक शो को खूब पसंद कर रहे हैं। क्योंकि हर व्यक्ति का स्वभाव, भाषा और सोच एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। यही विविधता शो की खूबसूरती है।”

कैसे होता है चयन

बिग बॉस का ऑडिशन किसी अभिनय (acting) परीक्षा की तरह नहीं होता। यह एक व्यक्तित्व परीक्षण (personality test) होता है।

“हम यह देखने की कोशिश करते हैं कि कोई व्यक्ति दबाव में कैसे व्यवहार करता है, किसी विवाद या बहस में उसका रिएक्शन कैसा होता है,” नेगी ने बताया। “कोई अगर कहता है कि वो बहुत शांत स्वभाव का है, तो हम यह भी देखते हैं कि क्या वो वाकई शांत रह पाता है या नहीं। हमारा उद्देश्य किसी की असली शख्सियत को समझना होता है, न कि उसका दिखावटी रूप।”

कास्टिंग टीम हर उम्मीदवार से कई बार बातचीत करती है ताकि उसकी सोच और स्वभाव को गहराई से समझा जा सके।

क्या पूर्व प्रेमी या पार्टनर जानबूझकर बुलाए जाते हैं?

बीते कुछ सीज़नों में बिग बॉस ने कई बार एक्स-पार्टनर्स या पूर्व प्रेमियों को शो में शामिल किया है, जिससे शो में खूब ड्रामा देखने को मिला।
सीज़न 17 में मुनव्वर फारूकी और उनकी पूर्व साथी आयेशा खान की एंट्री ने जबरदस्त चर्चा बटोरी थी। लेकिन ऋषि नेगी का कहना है कि यह किसी रणनीति का हिस्सा नहीं था।

“लोग सोचते हैं कि हम जानबूझकर एक्स-पार्टनर्स को बुलाते हैं ताकि विवाद बढ़े, लेकिन ऐसा नहीं है,” उन्होंने कहा। “मुनव्वर के मामले में एक खास कहानी थी जो शो के नैरेटिव में फिट बैठती थी। लेकिन हर साल ऐसा करना शो को बोरिंग बना देगा।”

उन्होंने आगे बताया कि अब जब भी कास्टिंग शुरू होती है, तो कई एजेंट या परिचित यह दावा करते हैं कि उनका भी किसी कंटेस्टेंट से संबंध रहा है और वे भी शो में आना चाहते हैं। लेकिन टीम ऐसे “ड्रामा बेस्ड” एंगल्स से बचती है।

“अगर हर सीजन में ऐसा होगा, तो शो की असलियत खत्म हो जाएगी,” उन्होंने कहा। “एक सीजन में ये चल गया, लेकिन इसे दोहराना जरूरी नहीं है।”

‘बिग बॉस’ की असली सफलता

ऋषि नेगी मानते हैं कि बिग बॉस की सफलता उसके टास्क या ट्विस्ट में नहीं, बल्कि उन असली लोगों में है जो घर के भीतर रहते हैं। उनकी भावनाएं, रिश्ते और टकराव ही असली मनोरंजन पैदा करते हैं।

बनिजे एशिया (Banijay Asia) द्वारा निर्मित बिग बॉस 19 इस समय कलर्स टीवी पर प्रसारित हो रहा है और जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जा रहा है।

स्पष्ट है कि इस शो में ड्रामा, हंसी, झगड़े और दोस्ती सब कुछ असली हैं — बस एक चीज़ नहीं है, और वह है ‘मिनिमम गारंटी’।

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